UPI MDR वापस आ रहा है: 0.4% मर्चेंट फ़ीस क्या है, और इसे क्यों टाला गया
लेखक Aafreen Khanam · प्रकाशित · 6 मिनट में पढ़ें
कानूनी, टैक्स या निवेश सलाह नहीं।
15 सितंबर 2026 को NPCI और वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) ने FAQs प्रकाशित किए, जिनमें ₹2,000 से ऊपर के person-to-merchant UPI भुगतान पर 0.4% का merchant discount rate (MDR) तय किया गया, ₹75,000 से ₹300 की ऊपरी सीमा के साथ, और इसे 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होना था। ₹2,000 तक के भुगतान, person-to-person ट्रांसफ़र, AutoPay mandate और छोटे P2PM मर्चेंट मुफ़्त रहते हैं। 13 अक्टूबर को NPCI की UPI and Services Steering Committee ने इसे “दिवाली के तुरंत बाद” तक टाल दिया, तारीख़ बाद में अधिसूचित होगी। 30 अक्टूबर 2026 तक कोई तारीख़ घोषित नहीं हुई है।
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सितंबर 2026 में घोषित UPI MDR क्या है?
Merchant discount rate वह राशि है जो कोई कारोबार डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए अपने बैंक को देता है। बैंक अकाउंट से होने वाले UPI भुगतान पर जनवरी 2020 से कोई MDR नहीं लगा है। 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित FAQs, जिन्हें वित्त मंत्रालय का वित्तीय सेवा विभाग भी होस्ट करता है, बड़े मर्चेंट भुगतानों के लिए इसे बदलते हैं। उनमें लिखा है: “₹ 2,000/- से ऊपर के Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% का MDR लागू किया जाएगा। ₹75,000/- और उससे अधिक के ट्रांज़ैक्शन पर MDR की सीमा ₹300 प्रति ट्रांज़ैक्शन होगी।”
इसे मर्चेंट देता है, ग्राहक नहीं। FAQs कहते हैं कि मर्चेंट “MDR शुल्क ग्राहकों पर नहीं डाल सकते”, और UPI ऐप “UPI से किए गए किसी भी भुगतान पर Platform Fee या कोई अन्य शुल्क नहीं लेंगे”। NPCI के अनुसार MDR सिर्फ़ UPI इकोसिस्टम के अंदर बँटता है — बैंक और वे ऐप व प्रोसेसर जो UPI चलाते हैं — ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकथाम और ग्राहक सेवा का खर्च निकले। यह सरकार द्वारा वसूला जाने वाला टैक्स नहीं है।
सितंबर फ़्रेमवर्क के तहत मर्चेंट कितना देता
- ₹0
- ₹2,000 के भुगतान पर
- ₹12
- ₹3,000 के भुगतान पर
- ₹200
- ₹50,000 के भुगतान पर
- ₹300
- ₹75,000 और उससे ऊपर पर
₹2,000 तक मुफ़्त रहता है
0.4%
0.4%
तय अधिकतम सीमा
किसे छूट मिलती है?
FAQs रोज़मर्रा के ज़्यादातर UPI इस्तेमाल को इस शुल्क से बाहर रखते हैं। NPCI के अनुसार ₹2,000 तक के भुगतान P2M वॉल्यूम का 95% से ज़्यादा हैं (इसी फ़्रेमवर्क पर सरकार की प्रेस रिलीज़ ने यह आँकड़ा 96% बताया)।
- उपभोक्ता। UPI से भुगतान करना या QR कोड स्कैन करना भुगतान करने वाले के लिए किसी भी राशि पर मुफ़्त रहता है।
- Person-to-person ट्रांसफ़र। भेजने और पाने वाले, दोनों के लिए मुफ़्त, आपके अपने अकाउंट के बीच ट्रांसफ़र समेत।
- P2PM पर छोटे मर्चेंट। जो विक्रेता UPI QR से अपने अकाउंट में महीने में ₹1 लाख तक पाते हैं, वे शून्य MDR देते हैं, भले ही एक भुगतान ₹2,000 से ऊपर हो। GST रजिस्ट्रेशन ज़रूरी नहीं। जिस P2PM मर्चेंट की UPI प्राप्तियाँ लगातार तीन महीने ₹1 लाख प्रति माह से ज़्यादा हों, उसे P2M श्रेणी में डाल दिया जाता है।
- AutoPay mandate। UPI mandate के रूप में सेट किए गए आवर्ती भुगतान — बिजली-पानी के बिल, सब्सक्रिप्शन, SIP — पर कोई तय MDR नहीं है।
- UPI पर क्रेडिट। RuPay क्रेडिट कार्ड या UPI पर पहले से मंज़ूर क्रेडिट लाइन से किए गए भुगतान इस फ़्रेमवर्क से बाहर हैं; उन पर पहले से कार्ड जैसी प्राइसिंग लागू है।
किन सेक्टरों के लिए दर अलग है?
| श्रेणी | ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतान पर MDR | ₹2,000 तक |
|---|---|---|
| सामान्य P2M मर्चेंट | 0.4%, ₹75,000 से ₹300 की सीमा | मुफ़्त |
| रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन, यूटिलिटी बिल (बिजली, पानी, पाइप्ड गैस) और अन्य अधिसूचित श्रेणियाँ | हर भुगतान पर तय ₹5 | मुफ़्त |
| शिक्षा (ट्यूशन, यूनिवर्सिटी फ़ीस, प्रवेश परीक्षा) | तय-फ़ीस या सीमित ढाँचा | मुफ़्त |
| कैपिटल मार्केट (म्यूचुअल फ़ंड, स्टॉकब्रोकर, सिक्योरिटीज़ डीलर) | 0.02%, ₹300 की सीमा | अलग से नहीं बताया गया |
| P2PM छोटे मर्चेंट (महीने में ₹1 लाख तक) | शून्य | शून्य |
FAQs शिक्षा का सटीक ढाँचा सिर्फ़ सामान्य शब्दों में बताते हैं। यह ब्योरा भी कि पैसा भुगतान करने वाले के ऐप, बैंकों और NPCI के बीच कैसे बँटेगा, UPI and Services Steering Committee पर छोड़ा गया है, जिसका नेतृत्व NPCI करता है।
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FAQs तीन तर्क देते हैं। पहला, लागत: “इंडस्ट्री के अनुमान बताते हैं कि UPI पेमेंट ऑपरेशन, सर्वर बैंडविड्थ, धोखाधड़ी रोकथाम सिस्टम और बैंक तकनीकी सपोर्ट बनाए रखने पर सालाना लगभग ~₹20,000 करोड़ खर्च होते हैं”, और सरकार के सालाना प्रोत्साहन कम समय की अस्थायी फ़ंडिंग के रूप में बनाए गए थे। दूसरा, प्रतिस्पर्धा: शून्य MDR में “सिर्फ़ भरपूर पूँजी वाले टेक समूह ही लंबे समय तक परिचालन घाटा झेल सकते हैं”। तीसरा, सुरक्षा: यह आमदनी AI-आधारित धोखाधड़ी पहचान और साइबर सुरक्षा में लग सकती है।
पृष्ठभूमि में पैमाना है। सरकारी प्रसारक द्वारा बताए गए NPCI आँकड़ों के अनुसार UPI ने अगस्त 2026 में ₹29.82 लाख करोड़ के 24.51 बिलियन ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस किए, जो एक रिकॉर्ड था, और सितंबर में ₹29.37 लाख करोड़ के 24.07 बिलियन, यानी औसतन रोज़ लगभग 802 मिलियन। MDR का एक हिस्सा Tier 3–6 केंद्रों, पूर्वोत्तर, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के छोटे मर्चेंट के लिए एक खास योजना की फ़ंडिंग के लिए भी है; FAQs कहते हैं कि इसका फ़्रेमवर्क तीन महीने के अंदर RBI के साथ तय होगा।
इसे क्यों टाला गया, और आगे क्या होगा?
UPI MDR, सितंबर–अक्टूबर 2026
15 सितंबर 2026
FAQs प्रकाशित
NPCI और वित्तीय सेवा विभाग ने 0.4% का फ़्रेमवर्क तय किया, 15 अक्टूबर से लागू।
सितंबर–अक्टूबर 2026
व्यापारियों का विरोध
रिटेलर और डिस्ट्रीब्यूटर समूहों ने टालने, छोटे मर्चेंट की सीमा बढ़ाने और मर्चेंट-से-मर्चेंट भुगतान को छूट देने की माँग की।
8 अक्टूबर 2026
टलने की संभावना की ख़बर
Business Today ने बताया कि NPCI रोलआउट टाल सकता है।
13 अक्टूबर 2026
स्टीयरिंग कमेटी ने टाला
MDR “दिवाली के तुरंत बाद, अलग से अधिसूचित की जाने वाली तारीख़ पर लागू होगा”। ढाँचे में कोई बदलाव नहीं।
15 अक्टूबर 2026
मूल तारीख़ निकल गई
UPI P2M भुगतान शून्य MDR पर जारी।
शुरुआत की तारीख़ से दो दिन पहले NPCI की UPI and Services Steering Committee ने कहा कि यह फ़ैसला “त्योहारी सीज़न को ध्यान में रखते हुए” लिया गया। Business Standard ने बताया कि ढाँचा ख़ुद नहीं बदला है; शुरुआत 1 जनवरी तक खिसकाने की बात भी हुई थी, जिसे कमेटी ने नहीं अपनाया। All India Mobile Retailers Association और All India Consumer Products Distributors Federation समेत रिटेलर समूहों ने ज़्यादा समय, छोटे मर्चेंट के लिए ऊँची छूट सीमा और मर्चेंट-से-मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर छूट माँगी थी। इस ख़बर पर लिस्टेड फ़िनटेक शेयरों में फिर तेज़ी आई।
बहस ख़त्म नहीं हुई है। Business Today ने 11 अक्टूबर को बताया कि IIT-Bombay की एक रिपोर्ट ने कहीं कम, 0.08% की दर का प्रस्ताव दिया। दूसरी ओर, State Bank of India के चेयरमैन ने 26 अक्टूबर को Business Standard के एक कार्यक्रम में कहा कि UPI के बढ़ते वॉल्यूम के लिए निवेश चाहिए और न्यूनतम MDR इसमें मदद कर सकता है। 30 अक्टूबर 2026 तक NPCI ने कोई नई तारीख़ अधिसूचित नहीं की है।
तब तक मर्चेंट को क्या करना चाहिए?
- जाँचें कि आपके acquiring बैंक या पेमेंट एग्रीगेटर ने आपको किस श्रेणी में रखा है — P2PM, P2M या कोई विशेष इंडस्ट्री श्रेणी — क्योंकि आप क्या देंगे, यह वही तय करती है, किसी एक भुगतान का आकार नहीं।
- काउंटर या चेकआउट पर UPI के लिए कोई सरचार्ज न जोड़ें। FAQs कहते हैं कि MDR ग्राहकों पर नहीं डाला जा सकता।
- देखें कि आपके कितने भुगतान ₹2,000 से ऊपर हैं। उससे नीचे कुछ नहीं बदलता।
- फ़ॉरवर्ड किए गए मैसेज के बजाय NPCI के सर्कुलर पेज या अपने बैंक की सूचना पर अधिसूचित तारीख़ देखें। FAQs लोगों से PIB, RBI और NPCI की रिलीज़ पर भरोसा करने को कहते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या UPI से भुगतान करने पर मुझसे शुल्क लिया जाएगा?
नहीं। FAQs कहते हैं कि UPI उपभोक्ताओं के लिए किसी भी राशि पर मुफ़्त रहेगा, और UPI ऐप कोई प्लेटफ़ॉर्म फ़ीस नहीं जोड़ सकते। MDR वह मर्चेंट देता है जिसे ₹2,000 से ऊपर का P2M भुगतान मिलता है।
UPI MDR कब से शुरू होगा?
इसे 15 अक्टूबर 2026 से लगना था। 13 अक्टूबर को NPCI की UPI and Services Steering Committee ने इसे दिवाली के तुरंत बाद तक टाल दिया, तारीख़ अलग से अधिसूचित होगी। 30 अक्टूबर 2026 तक कोई तारीख़ घोषित नहीं हुई है।
क्या ₹2,000 से कम के भुगतान पर MDR लगता है?
नहीं। ₹2,000 तक के भुगतान पर किसी भी श्रेणी में MDR नहीं है, और महीने में ₹1 लाख तक पाने वाले छोटे P2PM मर्चेंट बड़े भुगतानों पर भी कुछ नहीं देते।
क्या UPI MDR, UPI पर RuPay क्रेडिट कार्ड पर लागू होता है?
इस फ़्रेमवर्क के तहत नहीं। FAQs कहते हैं कि क्रेडिट से जुड़े UPI भुगतान — RuPay क्रेडिट कार्ड और पहले से मंज़ूर क्रेडिट लाइन — अलग क्रेडिट उत्पाद नियमों के अनुसार चलते हैं।
स्रोत
इस लेख को 30 अक्टूबर 2026 को इन मूल स्रोतों से जाँचा गया।
- NPCI — FAQs: Merchant Discount Rate (MDR) on Select UPI (P2M) Transactions, 15 September 2026
- Department of Financial Services, Ministry of Finance — the same FAQs, 15 September 2026
- PIB — UPI Continues to Remain Free for Peer to Peer Transactions and 96% of Merchant Transactions
- Business Standard — UPI MDR deferred until after Diwali, new date to be notified: NPCI (13 October 2026)
- Business Today — UPI MDR on select person to merchant transactions to be implemented after Diwali (13 October 2026)
- Business Standard — UPI’s rising volumes need investment, minimal MDR can help: SBI Chairman (26 October 2026)
- DD News — UPI transactions surge 23% to 24.07 billion in September: NPCI (October 2026)
यह सामान्य जानकारी है, टैक्स, कानूनी या निवेश सलाह नहीं। नियम और प्रोडक्ट बदलते रहते हैं: अपने व्यवसाय के लिए विवरण अपने CA, बैंक या नियामक से पक्का करें।
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